बागवानी : एक खुशी

बागवानी : एक खुशी
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बागवानी का सफर मानव जीवन से सदियों पुराना है।यह सफर हमारे पूर्वजों ने अपने जीवन काल में आरंभ किया था। वास्तव में जिंदगी का आनन्द तो कुदरत के नजदीक रहने में  ही है। खेत हलियानो बाग बगीचों के साथ रहना हर इंसान को प्रकृति के नजदीक होने का एहसास दिलाता है।</body>
<a href="https://youtu.be/0FczUScPE-M">this is a link</html>
हर प्रकृति प्रेमी की  तरह मुझे भी बागवानी करना बहुत पसंद है। बड़ी जनसंख्या के कारण आज रहन सहन के लिए आज भूमी की आवश्यकता है, जिस वजह से आज जंगलों को काट कर उन्हें आवास का स्थान बना दिया गया है। परंतु इस वजह से मानव को जिस प्राण वायु की आवश्कता होती है, आज उसी से हमे हाथ धोने पड़ गए है। ऐ से में हर एक व्यक्ति की कुछ  जिममेदारियां बनती है जिसे हर इंसान को समय रहते निभा लेना चाहिए।
अगर आप इन फूलों की तरफ देखे तो आप भी इनके रंगों की आकर्षक छवि से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते । ये फूल ना सिर्फ अपने रंग व सुगंध से हमे प्रभावित करते है , बल्कि ये हमे  उपचार  में भी मदद करते है।
अब बात आती है  कि बागवानी करे कहां?
बढ़ते आवास और रहन सहन को देखते हुए "छत पर बागवानी" एक अनोखा उपाय बनकर सामने आता है। इससे ना सिर्फ आप अपने घर पर रहकर इनका लुफ्त उठा सकते हो बल्कि अपने आस पास वालो को भी पोधे लगाने  के लिए प्रेरित कर सकते हो। आज के युग ।में यह बेहतरीन उपायों में से एक है। 
अंत में आपसे यही कहना चाहूंगी कि यथा संभव प्रयास कर पेड़ लगाओ और धरती को शीतलता प्रदान करने में अपना सहयोग दो।
इस अंश में इतना  ही ।
धन्यवाद।।।

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